आज समाचार सुना पता चला की बीजेपी के पार्टी अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी जी के अपने सहपाठियों को गधा और ना जाने क्या क्या कह रहे है और ये न सिर्फ नितिन जी की बात है ये सभी राजनितिक पार्टी के सदस्य के द्वारा कही जाती है जो की कितना शर्मनाक है कहा नहीं जा सकता है.
क्या इसी का नाम राजनीति है जहा न कोई समाज है न ही संस्कार है? जब तक जिसकी पार्टी के लिए काम कर रहे है उसके लिए हम भगवान् है और बाकि सब हमारे लिए शैतान है.
कृपया आप अपने वोटिंग अधिकार का सही उपयोग करे और उसी को वोट दे जो आपके लिए सोचे और संस्कार और समझ से भरपूर हो.
प्रकाश
No comments:
Post a Comment