Monday, December 16, 2013

Koi Pasand hai

कोई पसंद है मुझे और वो भी मुझे पसंद करता है पर क्या करे उसको कोई और मिल गया है और उसको उससे प्यार हो गया जिसके साथ जाने के लिए वो तड़प रहा है और मुझे दिख रहा है कि जिसको ज़िंदगी कि सारी  खुशियां और समय दिया वो कुछ ही पल में किसी और का हो गया! बड़ा अजीब पल है और मेरी सोच समझ नहीं पा रही कि ये क्या हो रहा है क्या इसी का नाम लड़की है जिसको ब्रम्हा भी समझ नहीं पाया जिसको उसने खुद बनाया?

आज मैं बहुत ही अजीब सी परिस्थिति से गुंजर रहा हु कि क्या हो गया मेरे साथ जिसके लिए इतना वक़्त इंतज़ार किया वो एक पल में अलग कर दिया! कुछ बड़ी अपेक्षाए और आकांक्षाये जिसके कारण पास आये और तमन्ना पूरी नहीं हुई तो चले गए क्या शर्तो पर प्यार होता है या प्यार के लिए दिल कि जरुरत होती है??? ये लड़किया बहुत अजीब है और अब इनसे प्यार करने का भी मन नहीं होता क्युकी इनसे विश्वास उठ गया है और अपने से अफ़सोस कि तूने उसके लिए अपनी ज़िंदगी को भी दांव पर लगा दिया !!

but wo ladki bewaffa nhi ahi wo aapse bhut pyar kerte hai but usne wo nhe socha jo aapne socha 

NIRBHAYA

एक लड़की दिल्ली में जिसका बलात्कार किया  और मार कर फैक दिया क्या ये ही हमारा समाज है और हमारी समझ है समाज कि जहा हम रहते है !
बड़े अफ़सोस कि बात है कि आज हम जिस समाज में रहते है वह कुछ ऐसे वहसी और दरिंदे रहते है जिनके कारण आज पूरा समाज कलंकित हो रहा है और जो पुरे समाज को शर्मसार कर रहा है, पर क्या  दरिंदे इसके लिए जिम्मेदार है?

मेरी समझ ये कहती है कि ये हम सभी कि जवाबदारी है कि एक सभ्य समाज का निर्माण हमको स्वयं करना है जहा शिक्षा और रोजगार ऐसे हथियार है कि उसके द्वारा हम एक अछे समाज का निर्माण कर सकते है !

शिक्षा से हम अछा और बुरा का अंतर हर वर्ग तक पंहुचा सकते है जहा हर वयक्ति अपनी स्वतंत्रतता कि पहचान स्वयं कर सकता है और अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकता है. विगत वर्ष जब सुबह का अख़बार पढ़ा तो पता चला कि निर्भया नामक एक लड़की का बलात्कार हुआ है जिसको आधी  बलात्कार के बाद कड़कढाती ठण्ड में रोड में फैक दिया गया और जिसकी मृत्यु कुछ दिनों के बाद हॉस्पिटल में हो गयी!

बड़े ही शर्म कि बात है कि आज ऐसा होता है जहा हम अपने आप को इक्कीसवी सदी का भारत बताते है जहा सब कुछ है पर एक सभ्य समाज नहीं है !!