Sunday, May 14, 2017

Paani... Essential for life

Dear Friends & प्रिय मित्र

मैं प्रकाश गुप्ता, कुछ विचित्र परिस्थितिया देखकर बहुत दुःख होता है की हमारा देश भारत और इंडिया दोनों  है मगर आने वाला समय और परिस्थितिया में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है. आज मैं वर्तमान में पानी जिसकी विकराल समस्या पैदा हो चुकी है के बारे में में ध्यान आकर्षण कर रहा हु और साथ में कुछ सुझाव भी देना चाहता हु.

आज हमारे देश में  पैमाने में निर्माण क्षेत्र में प्रगति हो रही है जैसे रेलवे, मेट्रो, हॉस्पिटल, शिक्षा क्षेत्र, विमानन, अनुसंधान, खनन, आईटी, सड़क, बहुउद्देशी परियोजनाए व विभिन्य अन्य निर्माण क्षेत्र आगे बढ़ रहा है. वर्तमान में  भारत की जनसँख्या १२७ करोड़ के आस पास है जिसकी विभिन्य जरूरतों में सबसे महत्त्वपूर्ण पानी है जिसकी विकराल समस्या हमारे  देश में घर कर रही है.

वर्तमान में हमारे देश  में २९ राज्य व् ७ केंद्र शाषित प्रदेश है मगर सभी में विभिन्य अलग अलग समस्या है जिनमे पानी की समस्या सबसे विकराल व अव्यवस्थित हैं अलग अलग गणना के स्रोत विभिन्य दस्तावेजों में उपलब्ध है मगर फिर भी आज २०१७ के भारत में पानी जिसके अपूर्व भण्डार व मानसून की उपलब्धता के बावजूद भी अधिकाँश  राज्यों में सूखे की समस्या विद्यमान है जिसके कारण भारत को अलग अलग परेशानियो का सामना उठाना  पड़ रहा है. जैसे कृषि उत्पादन में कमी, पीने के पानी की कमी, जल संचयन का नहीं होना व करोड़ो लीटर पानीकी बर्बादी प्रति वर्ष जो समुद्रों में गिर रहा है.

जैसा की हम  जानते है वर्तमान में हमारे  देश में निर्माण क्षेत्र में दिन बा दिन प्रगति हो रही है पर पानी जो की सबसे महत्वपूर्ण है उसकी क्षमता में रोज़ कमी आ रही है और नदी तालाब झरने सूख रहे है और बर्फ के पहाड़ पिघल रहे है जिसके कारण पर्यावरण में बदलाव भी हो रहा है और वातावरण भी बदल रहा है.

मैं यह कहना चाहता हु की जब हम विभिन्न निर्माण कार्य में प्रगति कर रहे है तो हम पानी का  यातायात क्यों नहीं कर सकते, जैसे की भारत के जिस राज्य में  पानी अधिक है  वहां से पानी के पाइपलाइन से पूरे देश में पानी पहुंचाया जा सकता है जैसे हम उपयोगी खनिज तेल पेट्रोल, डीजल, गैस व अन्य उपयोगी तरल पदार्थ को विभिन्य बंदरगाहों से पूरे देश में पहुचायां जाता है तो बिहार से तमिलनाडु, असम से राजस्थान, या कश्मीर से लातूर, इलाहाबाद से ओडिशा क्यों नहीं जहा हर साल पानी बहुत  गिरता है ऐसे बहुत से क्षेत्र है देश में जहा बाढ़ आती  वही कही दूसरी जगह सूखे की मार पड़ती है जिसको हम पानी सप्लाई करके पानी की समस्या को कम कर सकते है जिसके लिए हमको विभिन्य क्षेत्रों का चयन करके पाइपलाइन से अलग अलग क्षेत्रों में बूस्टर पंप लगाकर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की सुचारु व्यवस्था कायम कर सकते है जिससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था और विकास के क्षेत्र में सभी पक्षों के लिए समस्या का समाधान किया जा सकता है.




Monday, December 16, 2013

Koi Pasand hai

कोई पसंद है मुझे और वो भी मुझे पसंद करता है पर क्या करे उसको कोई और मिल गया है और उसको उससे प्यार हो गया जिसके साथ जाने के लिए वो तड़प रहा है और मुझे दिख रहा है कि जिसको ज़िंदगी कि सारी  खुशियां और समय दिया वो कुछ ही पल में किसी और का हो गया! बड़ा अजीब पल है और मेरी सोच समझ नहीं पा रही कि ये क्या हो रहा है क्या इसी का नाम लड़की है जिसको ब्रम्हा भी समझ नहीं पाया जिसको उसने खुद बनाया?

आज मैं बहुत ही अजीब सी परिस्थिति से गुंजर रहा हु कि क्या हो गया मेरे साथ जिसके लिए इतना वक़्त इंतज़ार किया वो एक पल में अलग कर दिया! कुछ बड़ी अपेक्षाए और आकांक्षाये जिसके कारण पास आये और तमन्ना पूरी नहीं हुई तो चले गए क्या शर्तो पर प्यार होता है या प्यार के लिए दिल कि जरुरत होती है??? ये लड़किया बहुत अजीब है और अब इनसे प्यार करने का भी मन नहीं होता क्युकी इनसे विश्वास उठ गया है और अपने से अफ़सोस कि तूने उसके लिए अपनी ज़िंदगी को भी दांव पर लगा दिया !!

but wo ladki bewaffa nhi ahi wo aapse bhut pyar kerte hai but usne wo nhe socha jo aapne socha 

NIRBHAYA

एक लड़की दिल्ली में जिसका बलात्कार किया  और मार कर फैक दिया क्या ये ही हमारा समाज है और हमारी समझ है समाज कि जहा हम रहते है !
बड़े अफ़सोस कि बात है कि आज हम जिस समाज में रहते है वह कुछ ऐसे वहसी और दरिंदे रहते है जिनके कारण आज पूरा समाज कलंकित हो रहा है और जो पुरे समाज को शर्मसार कर रहा है, पर क्या  दरिंदे इसके लिए जिम्मेदार है?

मेरी समझ ये कहती है कि ये हम सभी कि जवाबदारी है कि एक सभ्य समाज का निर्माण हमको स्वयं करना है जहा शिक्षा और रोजगार ऐसे हथियार है कि उसके द्वारा हम एक अछे समाज का निर्माण कर सकते है !

शिक्षा से हम अछा और बुरा का अंतर हर वर्ग तक पंहुचा सकते है जहा हर वयक्ति अपनी स्वतंत्रतता कि पहचान स्वयं कर सकता है और अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकता है. विगत वर्ष जब सुबह का अख़बार पढ़ा तो पता चला कि निर्भया नामक एक लड़की का बलात्कार हुआ है जिसको आधी  बलात्कार के बाद कड़कढाती ठण्ड में रोड में फैक दिया गया और जिसकी मृत्यु कुछ दिनों के बाद हॉस्पिटल में हो गयी!

बड़े ही शर्म कि बात है कि आज ऐसा होता है जहा हम अपने आप को इक्कीसवी सदी का भारत बताते है जहा सब कुछ है पर एक सभ्य समाज नहीं है !!

Monday, May 14, 2012

IPL Mania...

IPL........... all set match going on with full of speculation in the world... Shame on Cricket... eqully match wins and still on the floor to PLAY off with 6 teams... how that possible... its all about make entertainment to the public and earn money for the businessman and speculators... :(

Satta Bazar

महगाई एक  ऐसी समस्या है जिसका कोई इलाज  नहीं हैं. आज  समाज  में व्याप्त  भ्रस्ताचार से सभी ग्रस्त है चाहे कुछ खाना हो या पीना हो सब इतना महंगा है की कुछ लिया नहीं जा सकता है. सत्ता बाज़ार को ख़तम करो और बाज़ार को सस्ता बनाओ . 

Thursday, February 9, 2012

Bhasan Neta Ji ka !!

आज समाचार सुना पता चला की बीजेपी के पार्टी अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी जी के अपने सहपाठियों को गधा और ना जाने क्या क्या कह रहे है और ये न सिर्फ नितिन जी की बात है ये सभी राजनितिक पार्टी के सदस्य के द्वारा कही जाती है जो की कितना शर्मनाक है कहा नहीं जा सकता है. 

क्या इसी का नाम राजनीति है जहा न कोई समाज है न ही संस्कार है? जब तक जिसकी पार्टी के लिए काम कर रहे है उसके लिए हम भगवान् है और बाकि सब हमारे लिए शैतान है.

कृपया आप अपने वोटिंग अधिकार का सही उपयोग करे और उसी को वोट दे जो आपके लिए सोचे और संस्कार और समझ से भरपूर हो.

प्रकाश